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विधानमंडल के बजट सत्र से पहले नई ‘मुसीबत’, सदन के करीब कचरा केंद्र बना चर्चा का विषय

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पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों का ब्योरा पेश करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए रणनीति बना रहा है। लेकिन इस बार राजनीतिक बहसों से अलग एक ऐसी समस्या सामने आ रही है, जो सदन के बाहर से भीतर तक असर डाल सकती है—और वह है दुर्गंध।
पटना के हार्डिंग रोड और रेलवे लाइन के पास, बिहार विधानसभा परिसर से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक नया कचरा निस्तारण केंद्र तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होते ही न सिर्फ यारपुर और गर्दनीबाग इलाके के लोग, बल्कि विधानसभा और विधान परिषद के कुल 318 जनप्रतिनिधि और लगभग 3 हजार कर्मचारी भी इसके प्रभाव में आ सकते हैं।
नगर निगम और राज्य सरकार का दावा है कि यह कचरा निस्तारण केंद्र अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा और इससे किसी तरह की बदबू नहीं फैलेगी। लेकिन स्थानीय लोगों का अनुभव और आशंका कुछ और ही कहानी कहती है। शहर के अन्य हिस्सों में मौजूद कचरा निस्तारण स्थलों से उठने वाली सड़ांध पहले ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि विधानसभा के इतने करीब यह केंद्र पूरी क्षमता से चालू हुआ, तो दो किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। खास बात यह है कि बजट सत्र के दौरान जब राज्य के नीति-निर्धारक रोज़ाना सदन पहुंचेंगे, तो उन्हें इसी माहौल से होकर गुजरना होगा।
विधानमंडल के कर्मचारी संगठनों में भी इसको लेकर चिंता बढ़ने लगी है। उनका कहना है कि यह समस्या केवल सत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि साल भर हर कार्यदिवस पर उन्हें इसी वातावरण में काम करना होगा, जिसका असर स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों पर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले बजट सत्र में विकास, रोजगार और जनकल्याण पर चर्चा के साथ-साथ यह मुद्दा भी सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर किए जा रहे दावों के बीच विधानमंडल के पास कचरा निस्तारण केंद्र का निर्माण विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का एक नया मौका दे सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस और प्रभावी समाधान निकालती है या फिर जनप्रतिनिधियों को लोकतंत्र के इस मंदिर में प्रवेश करते वक्त नाक पर रुमाल रखना पड़ेगा।

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